बिहार रेजीमेंट केंद्र ने 686 अग्निवीरों के साथ चौथे अग्निवीर बैच को किया देश को समर्पित

 


पटना के दानापुर स्थित बिहार रेजीमेंट केंद्र में अग्निपथ योजना के तहत बिहार रेजिमेंट के 686 युवा और साहसी अग्निवीरों के चौथे बैच ने अंतिम पासिंग आउट परेड के लिए एक साथ मार्च किया। हरे रंग की वर्दी, उस पर लाल, हरे व पीले रंग से की टोपी पहने अग्निवीरों का उत्साह देखते बन रहा था। वे हाका द्वार से कदम से कदम मिलाते परेड मैदान पहुंचे तो सभी की निगाहे उनकी ओर चली गईं। 


भारतीय सेना के इन बहादुर और भावी सैनिकों ने 31 सप्ताह का कठोर सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस बैच ने तिरंगे के सामने गीता, कुरान, गुरु ग्रंथ साहिब और बाइबिल के पवित्र ग्रंथों पर हाथ रखकर हर कीमत पर राष्ट्र की रक्षा करने की शपथ ली। राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करने और सैन्य युद्ध के सभी पहलुओं में विशेषज्ञता हासिल करने की शपथ लेने के बाद, बिहार रेजिमेंट के ये अग्निवीर अपनी योग्यता साबित करने के लिए अपनी अपनी यूनिटों में तैनात होने के लिए पूरी तरह तैयार है। 


बिहार रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर केडी जसपाल ने प्रभावशाली परेड का निरीक्षण किया और बहुत कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद उच्च मानक हासिल करने के लिए उन्हें बधाई दी। इस अवसर पर बोलते हुए, समीक्षा अधिकारी ने इन नवोदित सैनिकों को 'तिरंगे' के प्रति अपनी प्रतिज्ञा को हमेशा याद रखने और मातृभूमि की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ने का आह्वान किया। इन अग्निवीरों के चेहरों पर गर्व और आत्मविश्वास की स्पष्ट अभिव्यक्ति इस बात का स्पष्ट प्रमाण थी कि राष्ट्र सुरक्षित हाथों में है। अग्निवीरों के गौरवान्वित माता-पिता और परेड देखने वाले कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित सभी दर्शक उनकी स्मार्ट उपस्थिति और शानदार ड्रिल से पूरी तरह प्रभावित हुए। कार्यक्रम के दौरान, राष्ट्र और सेना के समर्थन में उनके प्रयासों के लिए सम्मान और मान्यता के प्रतीक के रूप में सभी अग्निवीरों के माता-पिता को 'गौरव पदक' प्रदान किया गया।

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